बांसी नदी में मगरमच्छ के हमले से किशोर की मौत: मछली पकड़ने के दौरान हुआ हादसा, ग्रामीणों ने संघर्ष कर छुड़ाया

विशुनपुरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बांसी नदी में मछली पकड़ने गए 12 वर्षीय किशोर पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना धोकरहा घाट स्थित पीपा पुल के समीप हुई। हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा मगरमच्छों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बांसगांव बिंद टोला निवासी पप्पू निषाद का पुत्र पीयूष निषाद गांव के अन्य मछुआरों के साथ बांसी नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल बिछा रहा था। इसी दौरान नदी में मौजूद एक मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार मगरमच्छ ने पहले किशोर के हाथ को अपने मजबूत जबड़े में जकड़ा और उसे नदी की ओर खींचने लगा। अचानक हुए हमले से पीयूष की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने पीयूष को बचाने के लिए साहसिक प्रयास किया। कुछ लोगों ने किशोर को पकड़कर बाहर खींचने की कोशिश की। जबकि अन्य ग्रामीणों ने डंडों और लाठियों से मगरमच्छ पर हमला किया। काफी देर तक चले संघर्ष के बाद मगरमच्छ ने किशोर को छोड़ दिया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। हमले में उसके हाथ, पीठ और सीने पर गहरे जख्म हो गए थे। ग्रामीणों ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पीयूष अपने परिवार में दो बहनों और तीन भाइयों के बीच तीसरे स्थान पर था। उसके माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पास के एक सरकारी विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक की लहर है।
सुरक्षा व्यवस्था की मांग तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि बांसी नदी के इस क्षेत्र में पहले भी कई बार मगरमच्छ देखे जा चुके हैं। नदी किनारे घनी झाड़ियां और जलकुंभी जैसी वनस्पतियां होने के कारण मगरमच्छों की मौजूदगी लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से नदी किनारे निगरानी बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
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