कुशीनगर में स्कूल में तबीयत बिगड़ने से छात्रा की मौत: परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम, प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड

कुशीनगर|
परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम, प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड

नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के महुआवा जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात की छात्रा नेहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह स्कूल पहुंची नेहा की करीब 11 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों और अन्य लोगों ने उसे रामकोला सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्रा की मौत के बाद स्कूल में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र श्रीवास्तव की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने रामपुर दहाउर चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। मामले में बीएसए अनिल कुमार सिंह ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है और बीईओ से जांच रिपोर्ट तलब की है।

रामपुर भाट गांव के अहिर टोली निवासी राजाराम की बेटी नेहा बुधवार सुबह रोज की तरह स्कूल गई थी। करीब 11 बजे उसकी तबीयत बिगड़ी। परिजनों का आरोप है कि उस समय स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद नहीं थे। बच्चों और आसपास के लोगों ने छात्रा को सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। मां अंजू देवी के मुताबिक नेहा पढ़ाई में होनहार थी और इंजीनियर बनना चाहती थी। उनका आरोप है कि यदि स्कूल के जिम्मेदार लोग समय पर इलाज की व्यवस्था कराते तो बेटी की जान बच सकती थी। परिजनों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के नियमित स्कूल नहीं आने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि विद्यालय की व्यवस्था शिक्षामित्र के भरोसे चल रही थी।

प्रधानाध्यापक बोले- बैंक के काम से बाहर गया था

शिकायत और विवाद के बाद बीएसए ने योगेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। बीईओ रजनीश द्विवेदी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने गैरहाजिर रहने के आरोप पर कहा कि वह विद्यालय प्रबंध समिति का खाता खुलवाने के लिए बैंक गए थे। वहीं बीईओ का कहना है कि नेहा पिछले पांच-छह दिनों से बुखार से पीड़ित थी। इन दोनों पक्षों की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से किया इनकार

एसडीएम खड्डा संतराज सिंह ने बताया कि मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए पोस्टमॉर्टम का आदेश दिया गया था, लेकिन परिजनों ने इसके लिए सहमति नहीं दी। इसके बाद पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका और परिवार ने छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया। नेहा चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसके पिता मुंबई की एक नमकीन फैक्ट्री में काम करते हैं। अब छात्रा की मौत की वजह और घटना के समय स्कूल में जिम्मेदार शिक्षक की मौजूदगी को लेकर उठे सवालों पर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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