महराजगंज में आंगन में पत्नी की समाधि बनाने पर बवाल: ग्रामीणों में मचा हड़कंप, पति बोला- कबीर पंथ की मान्यता

सोनौली कोतवाली क्षेत्र के हरदी डाली गांव में पत्नी की मौत के बाद उसके शव को घर के आंगन में दफनाकर समाधि बनाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को महिला की हार्ट अटैक से मौत होने के बाद पति ने घर के अंदर ही शव दफन कर दिया। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो विरोध शुरू हो गया और गांव में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
ग्रामीणों के विरोध पर पति ने बताया कि वह कबीर पंथ को मानता है। उसके अनुसार, इस पंथ में संत के निधन के बाद शव को घर में दफनाकर समाधि बनाने की मान्यता है। पति ने अपनी पत्नी को भी संत बताया। इसी मान्यता का हवाला देते हुए उसने पत्नी के शव को घर के आंगन में दफनाकर वहां समाधि बनवा दी।
बिना अनुमति घर में दफनाया शव
मामले में बताया गया कि शव को घर के बाहर या परिसर में दफनाने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस को भी इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में इस तरह शव दफनाने की घटना पहली बार सामने आई है, जिससे लोगों में चिंता का माहौल है।
पुलिस जांच के बाद स्थिति होगी साफ
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शव को घर में दफनाने की प्रक्रिया किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और आसपास के माहौल को लेकर भी चिंता जताई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










