संतकबीरनगर में दहेज प्रताड़ना में पति और सास-ससुर दोषी: कोर्ट ने सुनाई आठ साल की सजा, दोषियों पर पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये का लगाया फाइन

दहेज हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने पति, सास और ससुर को दोषी ठहराते हुए आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव के अनुसार मामला बखिरा थाना क्षेत्र के जोगीडीहा गांव का है। गांव निवासी सरोज ने अपनी बेटी अनुराधा की शादी 22 अप्रैल 2022 को मेहदावल थाना क्षेत्र के उत्तर पट्टी (रूई हट्टा) निवासी सूरज पुत्र मुन्नीलाल से की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अनुराधा से अतिरिक्त दो लाख रुपये दहेज की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था।
मौत से एक दिन पहले मां से की थी बात
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 24 मई 2023 को अनुराधा ने फोन पर अपनी मां को बताया था कि उसके साथ गाली-गलौज की जा रही है और उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अगले दिन 25 मई की सुबह गांव के लोगों से अनुराधा की मौत की जानकारी परिवार को मिली। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना पूरी की और पति सूरज, ससुर मुन्नीलाल तथा सास ऊषा देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
आठ गवाह और 12 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मृतका की मां, पिता, बहन, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और विवेचक समेत कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचायतनामा, घटनास्थल का नक्शा और फर्द बरामदगी समेत 12 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष रखे गए। सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।










