संतकबीरनगर में विवाहिता की मौत पर केस दर्ज: पति समेत नौ लोगों पर दहेज हत्या का आरोप, मारने से पहले फोन पर की थी बात

धनघटा थाना क्षेत्र के परसहर डिहवा बाजार गांव में विवाहिता करिश्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बस्ती निवासी मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत नौ ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। मायके वालों का आरोप है कि बेटी ने मौत से कुछ घंटे पहले फोन कर ससुराल में प्रताड़ित किए जाने और जान का खतरा होने की बात बताई थी। इसके बाद पति ने फोन कर उसके फंदे से आत्महत्या करने की जानकारी दी। वहीं, ननद ने हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही। मायके वालों के पहुंचने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
बस्ती के कोतवाली क्षेत्र स्थित पुराना डाकखाना मोहल्ले की रीता राजभर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी करिश्मा की शादी सात फरवरी 2024 को धनघटा क्षेत्र के परसहर गांव निवासी पवन राजभर पुत्र राम आसरे से हुई थी। अगले दिन वह ससुराल गई थी। मायके पक्ष के अनुसार, शादी में उनकी क्षमता के मुताबिक बाइक, 15 हजार रुपये नकद, जेवर, बर्तन, फर्नीचर समेत अन्य सामान दिया गया था। आरोप है कि शादी के करीब एक महीने बाद से ही करिश्मा को कम दहेज लाने का ताना देकर परेशान किया जाने लगा। पति पवन, सास, ससुर राम आसरे, ननद नीमा, देवर करन, जेठानी काजल, एक अन्य अज्ञात जेठानी और जेठ समेत अन्य ससुरालियों पर गाली-गलौज के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप है। मायके वालों के मुताबिक, करिश्मा कई बार वहां पहुंचकर ससुराल में हो रही परेशानी की जानकारी दे चुकी थी।
मौत से कुछ घंटे पहले बेटी ने बताई थी परेशानी
रीता के अनुसार, आठ अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे करिश्मा ने फोन किया था। उसने बताया कि ससुराल के लोग उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे हैं और उसे अपनी जान का खतरा है। उसने अपनी सास से भी बात कराई। आरोप है कि सास ने कहा कि पवन ने शादी की है और उनसे कोई मतलब नहीं है। इसके बाद फोन कट गया। उसी दिन शाम करीब छह से सात बजे के बीच पवन ने मायके में फोन कर करिश्मा के फांसी लगाकर जान देने की बात बताई। फोन कटने के बाद परिजनों ने दोबारा ससुराल में संपर्क किया तो ननद नीमा ने अलग जानकारी देते हुए बताया कि करिश्मा घर से बाहर जा रही थी और हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई।
मायके वालों के पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार का आरोप
बेटी की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष ने 112 पर पुलिस को सूचना दी और रात करीब 10 बजे ससुराल पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही ससुरालियों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। मायके वालों ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से जल्दबाजी में शव जलाने और दहेज के लिए बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
मामले की जांच कर रही पुलिस
धनघटा थानाध्यक्ष दिलीप सिंह के अनुसार, विवाहिता की मौत के मामले में पति पवन राजभर, ससुर राम आसरे, सास, ननद नीमा, देवर करन, जेठानी काजल समेत कुल नौ ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










