संतकबीरनगर में आदेशों की अनदेखी पड़ी भारी: ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, डीडीओ ने बैठाई जांच

प्रशासन ने शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सांथा ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत को जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने शनिवार देर शाम निलंबित कर दिया। उन पर पौली ब्लॉक में तैनाती के दौरान अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने, सरकारी कार्यों में शिथिलता बरतने और जनहित से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही करने के आरोप लगाए गए हैं।
जिला विकास अधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत गौवापार निवासी अनुराधा सिंह के राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को लेकर रमाकांत ने एक महीने तक अनावश्यक देरी की। शिकायतों के बावजूद मामले का समय से निस्तारण नहीं किया गया। प्रशासन ने इसे आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया माना है। इसके अलावा, अधिकारी द्वारा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में भी रुचि नहीं लेने की बात सामने आई है।
चौपाल कार्यक्रमों में भी नहीं दिखाई सक्रियता
आरोप है कि प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले चौपाल कार्यक्रमों में भी ग्राम विकास अधिकारी की उपस्थिति और सक्रियता संतोषजनक नहीं थी। प्रशासनिक बैठकों और निरीक्षणों के दौरान भी उनके कार्य व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जिला प्रशासन ने इसे सरकारी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है।
बीडीओ खलीलाबाद को सौंपी गई जांच
पूरे प्रकरण की जांच खंड विकास अधिकारी खलीलाबाद राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने तक रमाकांत को नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के इस कदम को सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









