महाराष्ट्र और कर्नाटक में 19 लोगों की मौत: रायगढ़ में 800 फीट गहरी खाई में गिरी कार, भटकल में एक ही परिवार के 11 लोग नदी में डूबे

महाराष्ट्र और कर्नाटक में रविवार और सोमवार के बीच हुए दो बड़े हादसों ने पूरे देश को झकझोर दिया। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक एसयूवी कार 800 फीट गहरी खाई में गिर गई। जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल में नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के 11 लोगों की डूबने से जान चली गई। दोनों घटनाओं में कुल 19 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है, जबकि हादसों के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पोलादपुर-महाबलेश्वर मार्ग स्थित अंबेनली घाट इलाके में हुआ हादसा बेहद भयावह बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सभी आठ लोग रविवार रात करीब दो बजे डापोली के हार्ने इलाके से एसयूवी वाहन में सवार होकर सतारा के लिए रवाना हुए थे। जब कई घंटे बीतने के बाद भी वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। संपर्क न होने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
मोबाइल लोकेशन से मिला हादसे का सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने कार में सवार लोगों के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन ट्रेस की, जो पोलादपुर क्षेत्र के पास मिली। इसके बाद अंबेनली घाट इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सोमवार सुबह पुलिस और स्थानीय बचाव दल को 800 फीट गहरी खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त एसयूवी दिखाई दी। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, खाई बेहद गहरी और दुर्गम होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ अन्य शवों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि वाहन संभवतः तेज रफ्तार या नियंत्रण खोने के कारण खाई में गिरा।
एक-दूसरे को बचाने में गई जान
दूसरी दर्दनाक घटना कर्नाटक के भटकल क्षेत्र में हुई, जहां एक ही परिवार के 11 लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में नौ महिलाएं शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, परिवार के 14 सदस्य टट्टीहक्कल नदी क्षेत्र में सीपियां इकट्ठा करने गए थे। यह इलाका उस स्थान के पास है जहां नदी अरब सागर से मिलती है और स्थानीय लोगों के लिए सीपियां इकट्ठा करना एक मौसमी रोजगार माना जाता है।
हाई टाइड के कारण अचानक बढ़ा वॉटर लेवल
पुलिस और एनडीआरएफ अधिकारियों के मुताबिक, जब परिवार नदी में उतरा तब पानी का बहाव सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में हाई टाइड के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी में भारी गाद होने की वजह से लोग तेजी से बाहर नहीं निकल सके। अधिकांश लोगों को तैरना भी नहीं आता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक व्यक्ति को डूबता देख दूसरे लोग उसे बचाने के लिए आगे बढ़े और देखते ही देखते सभी तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना रविवार शाम करीब पांच बजे प्रशासन को मिली, जिसके बाद एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल ने अभियान शुरू किया। सोमवार तक 10 बॉडी बरामद कर ली गई है। अन्य की तलाश जारी रही। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सड़क और जल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के साथ-साथ नदी और तटीय क्षेत्रों में लोगों को चेतावनी और सुरक्षा संबंधी जानकारी देना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
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