सिक्किम में टनल में मीथेन विस्फोट: 20 मजदूरों की मौत; 5 लापता, रेस्क्यू जारी

सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। पांच मजदूर अब भी लापता हैं। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। विधानसभा में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
सुरंग निर्माण का कार्य कर रही पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पीईएल) ने कहा कि उसकी परियोजना टीम एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही है। कंपनी के अनुसार प्रभावित हिस्से तक रेस्क्यू टीम को पहुंचाने में साइट इंजीनियर लगातार सहयोग कर रहे हैं। बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। कंपनी ने शोक जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में वह पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
अधिकारियों ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देश पर रंगपो में मृतकों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था स्थापित की गई है, ताकि दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों के परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने पुलिस महानिदेशक अक्षय सचदेवा की मौजूदगी में उच्चस्तरीय बैठक कर बचाव अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला प्रशासन, पश्चिम बंगाल प्रशासन, एनएचपीसी, बचाव एजेंसियों और निर्माण कंपनी के अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने दिए सुरक्षित और प्रभावी अभियान के निर्देश
मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने बचाव रणनीति की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी एजेंसियों को अभियान सुरक्षित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
मीथेन गैस विस्फोट बना हादसे की वजह
एनएचपीसी के अनुसार 20 जुलाई को दोपहर समरदुंग स्थित हेड रेस टनल में चट्टानों के भीतर फंसी मीथेन गैस के अचानक विस्फोट से धमाका हुआ। इसके बाद सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैस फैल गई, जिससे बड़ा हादसा हो गया। यह परियोजना भारत की प्रमुख जलविद्युत विकास कंपनी एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 परियोजना का हिस्सा है।
चौबीसों घंटे चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
नामची के पुलिस अधीक्षक सोनम डी भूटिया ने बताया कि 25 फंसे मजदूरों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अब तक 12 बॉडी निकाली जा चुकी हैं, जिनमें सात की पहचान हो गई है, जबकि अन्य बॉडी की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। शेष पांच मजदूरों की तलाश के लिए चौबीसों घंटे अभियान चलाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल से बुलाई गई विशेष माइनिंग टीम
जिला परियोजना अधिकारी सूरज राई ने बताया कि एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और चिकित्सा दल लगातार राहत कार्य में लगे हैं। सुरंग के भीतर सुरक्षित तरीके से खोज अभियान चलाने के लिए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के विशेषज्ञों के साथ पश्चिम बंगाल से विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई है।
हादसे की जांच करेगी विशेष समिति
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मीथेन गैस विस्फोट और सुरंग ढहने के कारणों की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुआवजे का एलान
सिक्किम विधानसभा में मृतकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता को पीड़ित परिवारों तक शीघ्र मुआवजा पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया गया है।
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