योग से पेट को रखें 'हेल्दी': डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाने में असरदार, एक्सपर्ट्स ने दी डेली रूटीन की सलाह

गर्मी का मौसम शुरू होते ही पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। तेज तापमान, अनियमित खानपान, कम पानी पीना और बाहर के भोजन का अधिक सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके कारण गैस, अपच, कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मौसम में केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय योग को दिनचर्या में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। योग न केवल पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, बल्कि शरीर को अंदर से सक्रिय और संतुलित रखने में भी मदद करता है। नियमित योगाभ्यास से आंतों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर का मेटाबॉलिज्म भी संतुलित बना रहता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ विशेष योगासन ऐसे हैं, जो पेट और पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इन योगासनों का नियमित अभ्यास शरीर को हल्का, ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। खास बात यह है कि ये योगासन बिना किसी भारी उपकरण या कठिन प्रक्रिया के घर पर आसानी से किए जा सकते हैं।
पवनमुक्तासन से गैस और कब्ज में राहत
योग एक्सपर्ट्स के मुताबिक पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को मजबूत करने वाले सबसे प्रभावी योगासनों में शामिल है। इस आसन में व्यक्ति पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को पेट की ओर लाता है और हाथों से पकड़कर शरीर को रिलैक्स करता है। इससे पेट में जमा गैस बाहर निकलने में मदद मिलती है और अपच की समस्या कम होती है। यह आसन आंतों की गतिविधियों को सक्रिय करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है। नियमित अभ्यास से कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।
खाने के बाद भी कर सकते है वज्रासन
इसी तरह वज्रासन को भी पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह एकमात्र ऐसा योगासन है जिसे भोजन करने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। इसमें घुटनों के बल बैठकर शरीर को एड़ियों पर टिकाया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आसन पेट की मांसपेशियों में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और पाचन प्रक्रिया को तेज करता है। इससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है। एसिडिटी और गैस की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह योगासन काफी लाभकारी माना जाता है।
भुजंगासन और त्रिकोणासन भी हैं असरदार
भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार माना जाता है। इस आसन में व्यक्ति पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाता है। इससे पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करने लगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह आसन कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को मजबूत और शरीर को लचीला बनाने में भी सहायक है। वहीं त्रिकोणासन शरीर के लचीलेपन और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में मदद करता है। इस आसन में शरीर को त्रिकोण की मुद्रा में लाया जाता है, जिससे पेट और आंतों पर हल्का दबाव पड़ता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पाचन संबंधी परेशानियां कम होती हैं।
योग को अपनी दिनचर्या का बनाएं हिस्सा
योग एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी के मौसम में यदि लोग संतुलित खानपान के साथ इन योगासनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, तो पेट से जुड़ी कई समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्का भोजन करना और नियमित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी है, ताकि शरीर स्वस्थ और सक्रिय बना रहे।
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