बस्ती में खतरे के निशान के पार पहुंची सरयू: बढ़ते पानी को लेकर ग्रामीण भयभीत, पशुओं के चारे की किल्लत

बस्ती जिले में एक बार फिर सरयू का पानी लाल निशान को पार करके आगे बढ़ता जा रहा है। नदी का पानी 92.730 मीटर से 11 सेमी ऊपर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर 92.840 मीटर रिकार्ड किया गया है, जो उच्चतम स्तर से एक मीटर 17 सेमी नीचे है।वहीं वार्निंग लेबल 91.730 मीटर से एक मीटर 11 सेमी ऊपर है।
सरयू नदी में बढ़ रहे पानी को लेकर ग्रामीणों में डर समाया हुआ है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में नदी किनारे तटबंध विहीन गांवों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। वर्षा के मौसम की दुश्वारियों से जैसे उनका गहरा रिश्ता जुड़ गया है। नदी पानी कम हो तो कटान, बढ़े तो बाढ़ का सामना उनकी नियति बन चुकी है। उससे होने वाली परेशानियों की मार से ग्रामीण हताश व बेबश से नजर आ रहे हैं।
विक्रमजोत क्षेत्र के एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा
सरयू नदी का पानी अब गांवों में पहुंचने लगा है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में नदी किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का संकट फिर मंडराने लगा है। वहीं नदी का पानी बीडी व एलबी तटबंध से सट कर बह रहा है। आपदा प्रभावित गांवों व तटबंध पर पानी दबाव बनाये हुए है।
मुख्य मार्ग पर भरने लगा पानी
बीडी तटबंध के अंदर बसे पकड़ी संग्राम और उसके दोनों पुरवों को तटबंध से जोड़ना वाला मुख्य मार्ग पर एक बार फिर बाढ़ का पानी भरने लगा है। इससे अर्जुनपुर, लकड़ी पांडेय, पकड़ी सूर्यवंश, बेतावा, कन्हईपुर और शंभूपुर समेत कई तटबंध विहीन गांवों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गांव में पशुओं के लिए हरे चारे और भूषा की किल्लत बढ़ गयी है।
शंभूपुर आबादी के आसपास कटान शुरू
बीते पखवारे चरागाह में बाढ़ का पानी भरने से घास सड़कर समाप्त हो गयी है। पशुपालकों का कहना है कि अगर बाढ़ का प्रकोप कुछ दिन ठहरा तो पशुओं के साथ तटबंध पर शरण लेनी पड़ेगी। वहीं पूरे चेतन के पूर्व प्रधान राजवंत दूबे ने बताया का गांव के शंभूपुर आबादी और पंचायत भवन के आसपास पुनः कटान शुरू हो गयी है।
बाढ़ की मार से ग्रामीण हताश
बाढ़ से बढी़ परेशानियों की मार से ग्रामीण हताश व लाचार नजर आ रहे हैं। बाढ़ खंड के अवर अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हुई बरसात से बैराजों पर दबाव बढ़ने से काफी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया रहा है। जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीडी तटबंध के दो तीन संवेदनशील कटान स्थलों पर कटान रोधी राहत कार्य शुरू कराए गए है।











