गोरखपुर में दिव्यांग छात्र ने बॉथरूम में किया सुसाइड: 2019 से हॉस्टल में रहकर करता था पढ़ाई, पिता को कहता था- एक दिन पूरी दुनिया घुमाउंगा

गोरखपुर के लालडिग्गी स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बॉयज इंटर कॉलेज में आठवीं कक्षा के 18 वर्षीय छात्र अनूप कुमार ने बाथरूम में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र देवरिया जिले के रामगुलाम टोला का रहने वाला था और साल 2019 से इस हॉस्टल में रह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी निमिष पाटिल और एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार टीम के साथ पहुंचे। वहां स्कूल का सीसीटीवी कैमरा भी देखा गया।
जिसमे छात्र गमछा और बाल्टी लेकर बाथरूम में अकेले जाते हुए दिखा है। जिससे सुसाइड की आशंका जाहिर की गई है। वहीं छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शव को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया गया। मृतक के पिता रामआसरे ने बताया कि उनका बेटा जन्म से ही दोनों आंखों से देख नहीं सकता था। वह अक्सर उनसे कहता था कि वह उसे पूरी दुनिया घुमाएं।
रात भर बॉथरूम में पड़ा रहा दिव्यांग
उप निदेशक दिव्यांग अनूप कुमार ने बताया कि रात में छात्र बाथरूम में गया था। रात भर उसी में पड़ा रहा। सुबह सफाईकर्मी विनोद आया। उसने दरवाजा काफी देर तक बंद देखकर दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर थाना राजघाट पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने पर देखा कि छात्र ने दरवाजे की कुंडी में गमछे के सहारे लटका हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बाहर निकाला।
दोनों आखों से दिव्यांग था छात्र
देवरिया के रामगुलाम टोला निवासी रामआसरे का बेटा अनूप कुमार साल 2019 से गोरखपुर के लालडिग्गी स्थित ब्लाइंड स्कूल में आवासीय छात्र के रूप में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह दोनों आखों से दिव्यांग था। पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी। अपने रिश्तेदारों के साथ पहुंचे पिता रामआसरे ने स्कूल में सबसे पूछताछ की। सीसीटीवी कैमरा भी देखा
छात्र का कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस को मौके पर लगे सीसीटीवी में छात्र अकेले जाता हुआ दिखाई दिया है। उसके हाथ में गमछा था। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य जानकारियां खंगाल रही है। साथ ही स्कूल के अन्य छात्रों और शिक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है।
प्रबंधन के निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
आंख से दिव्यांग छात्र की मौत के बाद परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छुट्टी के दौरान छात्रों की देखरेख में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई। दृष्टिबाधित छात्रों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त निगरानी और सहयोग की जरूरत होती है। ऐसे में घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
सुरक्षा मानकों की जांच
परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की है। छुट्टी के दौरान परिसर में मौजूद छात्रों की निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है। उन्होंने स्कूल प्रशासन से हॉस्टल में छात्रों की निगरानी की व्यवस्था, कर्मचारियों की ड्यूटी और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है।
हॉस्टल के अन्य छात्रों की सुरक्षा पर चिंता
हॉस्टल में कुल 101 छात्र रहते हैं। घटना के समय 65 छात्र मौजूद थे। छात्र के बाथरूम जाने के बाद उसकी निगरानी नहीं हो पाने को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते जानकारी मिल जाती तो छात्र की तलाश शुरू की जा सकती थी। घटना के बाद हॉस्टल में रह रहे अन्य छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी परिजनों ने चिंता जताई है।










