कुशीनगर में नाबालिग से रेप में 75 वर्षीय दोषी को सजा: कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, पीड़िता के इलाज और पुनर्वास में खर्च होगी राशि

नाबालिग से रेप के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) आनंद प्रकाश की अदालत ने 75 वर्षीय रामजी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड से प्राप्त पूरी राशि पीड़िता के इलाज और पुनर्वास पर खर्च की जाएगी। दोषी को सजा सुनाए जाने के बाद सजायाबी वारंट जारी कर देवरिया जिला जेल भेज दिया गया।
मामला हाटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की मां की तहरीर के मुताबिक, पांच जनवरी 2025 को शाम करीब तीन बजे उनकी पांच वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव का रामजी पुत्र पांचू बच्ची को बहलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने और शोर की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रामजी को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। परिजनों के विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए वहां से फरार हो गया। इसके बाद हाटा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 10/2025 दर्ज कराया गया।
चिकित्सीय रिपोर्ट और बयान रहे अहम साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से नियुक्त विशेष लोक अभियोजक फूलबदन और अजय गुप्ता ने अभियोजन की ओर से साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। न्यायालय ने चिकित्सीय रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और पत्रावली में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रामजी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5M/6 और बीएनएस की धारा 352 के तहत दोषी माना।
अर्थदंड की पूरी रकम पीड़िता के पुनर्वास पर होगी खर्च
अदालत ने दोषी रामजी को 20 साल के कठोर कारावास के साथ 1.10 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी देवरिया जेल में बंद था। दोषसिद्धि के बाद न्यायालय ने सजायाबी वारंट जारी कर उसे दोबारा देवरिया जिला जेल भेज दिया। कोर्ट ने अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता के इलाज और पुनर्वास में खर्च करने का आदेश दिया है।










