कुशीनगर में 270 तोते तस्करों के चंगुल से आजाद: वन विभाग की टीम ने मारा छापा, बंगाल में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी

कुशीनगर जिले में वन विभाग और प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 270 जीवित तोतों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के अकबरपुर टोला बड़वा छापर में की गई, जहां इन पक्षियों को एक मस्जिद के पास छप्पर में छिपाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान मुबारक निवासी अकबरपुर टोला बड़वा छापर के रूप में हुई है। आरोपी इन तोतों को पश्चिम बंगाल भेजने की फिराक में था।
वन विभाग को अकबरपुर टोला बड़वा छापर में तोतों को अवैध रूप से रखे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद कसया, पडरौना और खड्डा रेंज के वनकर्मियों और प्रवर्तन दल की एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने मस्जिद के पास एक छप्पर पर छापा मारा। पूछताछ में सामने आया कि स्थानीय बाजार से इन तोतों को 1,000 से 1,500 रुपये में खरीदा जाता था और बंगाल में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
तोतों को पहले भी भेज चुका है बंगाल
गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह पहले भी इसी रास्ते से तोतों की खेप बंगाल भेज चुका है। वन विभाग को शक है कि इस तस्करी में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। टीम अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है। डीएफओ ने बताया कि इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बचाए गए सभी 270 तोतों को पडरौना रेंज को सौंप दिया गया। इसके बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। फिर वन विभाग ने इन पक्षियों को खुले आसमान में छोड़ दिया गया।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
डीएफओ वरुण सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुबारक, निवासी अकबरपुर टोला बड़वा छापर, थाना नेबुआ नौरंगिया के रूप में हुई हैं। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार, कारोबार और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।











