एलडीए घूसकांड में पीसीएस अधिकारी समेत 11 इंजीनियरों पर कसा शिकंजा: विजिलेंस टीम ने ढाई घंटे खंगाले जरूरी दस्तावेज, साढ़े सात लाख की रिश्वत में तीन लोग अरेस्ट

लखनऊ विकास प्राधिकरण के चर्चित घूसकांड की जांच अब अधिकारियों और अभियंताओं तक पहुंच गई है। सतर्कता अधिष्ठान ने एलडीए के 11 इंजीनियरों और एक पीसीएस अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की है। विजिलेंस की टीम एलडीए मुख्यालय पहुंची और करीब ढाई घंटे तक संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम ने उन मामलों के रिकॉर्ड जुटाए, जिनमें अवैध निर्माण को संरक्षण देने, शिकायतों के निस्तारण में अनियमितता और कथित लेन-देन के आरोप सामने आए हैं। जांच के दायरे में शामिल 11 अभियंताओं में एक सेवानिवृत्त हो चुका है, जबकि बाकी कार्यरत हैं।
एक अगस्त को विजिलेंस टीम ने एलडीए के अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और बिचौलिए श्रवण कुमार को साढ़े सात लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ अरेस्ट किया था। आरोप है कि यह रकम व्यावसायिक संपत्ति के निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में ली जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस ने एलडीए में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को जांच के केंद्र में रखा है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से कई आरोपों की पड़ताल
जांच एजेंसी के हाथ कुछ अभियंताओं की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी लगी है। इनमें कथित तौर पर अभियंताओं की दलालों, कथित पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं से बातचीत दर्ज होने की बात सामने आई है। विजिलेंस इन रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अधिकारियों पर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने, शिकायतों को प्रभावित करने और दलालों के जरिए काम कराने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि किए जाने की कोशिश हो रही है।
18 कथित पत्रकार भी जांच के दायरे में
विजिलेंस ने आईजीआरएस पोर्टल पर सबसे अधिक अवैध निर्माणों की शिकायत करने वाले 18 कथित पत्रकारों की भूमिका की भी जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन शिकायतों के पीछे किसी तरह का दबाव बनाने या लाभ हासिल करने का उद्देश्य तो नहीं था। इसके साथ ही अलीगंज अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए अभियंताओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।










