सिद्धार्थनगर में सरकारी जमीन पर बने मदरसे पर चला बुलडोजर: 400 बच्चे करते थे पढ़ाई, पुलिस-सपा कार्यकर्ताओं में हुई धक्का-मुक्की
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने 59 साल पुराने मदरसे के सरकारी जमीन पर बने हिस्से को ध्वस्त कर दिया। करीब दो घंटे चली कार्रवाई में छह बुलडोजरों की मदद से मदरसे के सात कमरे, एक दुकान और आधा हॉल ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान विरोध करने पहुंचे सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई वाले स्थान से दूर किया। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर का है।
सुबह करीब सात बजे एसडीएम और पांच थानों के लगभग 100 पुलिसकर्मी छह बुलडोजरों के साथ पिपरा रामलाल पहुंचे। इसके बाद 14 हजार वर्गफीट में बने 'मकतब मदरसा' में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे। सरकारी रिकॉर्ड में इसकी 9 हजार वर्गफीट जमीन खेल के मैदान के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार आरबिया जियाउल उलूम मदरसा वर्ष 1938 में गांव के भीतर बनाया गया था। वर्ष 1967 में इसे बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर मुख्य सड़क के किनारे स्थानांतरित किया गया। शुरुआत में निर्माण निजी जमीन पर हुआ, लेकिन बाद में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर भी इसका विस्तार किया गया।
तीन साल चली सुनवाई
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2022 में पांच ग्रामीणों ने सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए डुमरियागंज तहसीलदार कोर्ट में सामूहिक याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद 2023 में बेदखली का आदेश जारी हुआ। मदरसे के केयरटेकर अब्दुल सलाम ने इसी आदेश को डीएम कोर्ट में चुनौती दी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2026 को डीएम ने तहसीलदार कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए मदरसा पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया। तय समय में कब्जा नहीं हटाए जाने पर डुमरियागंज एसडीएम विवेकानंद मिश्र, सीओ बृजेश वर्मा और बांसी सीओ सिवेंदु सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई।
सपा विधायक समेत 50 से ज्यादा कार्यकर्ता पहुंचे
बुलडोजर कार्रवाई की जानकारी मिलने पर डुमरियागंज की सपा विधायक सैय्यदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव समेत 50 से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। करीब आधे घंटे तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे कर दिया।
इंस्पेक्टर से उलझे सपा नेता
मदरसे के पास जाने की कोशिश कर रहे सपा नेता कमाल अहमद खान को डुमरियागंज प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश यादव ने रोक दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कार्रवाई प्रशासन के आदेश पर हो रही है और किसी को जबरन आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस पर कमाल अहमद खान नाराज हो गए और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। हंगामा बढ़ने पर अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। विधायक सैय्यदा खातून ने भी सपा नेताओं से शांतिपूर्वक बातचीत करने की अपील की।
सरकारी जमीन पर बने हिस्से को किया गया ध्वस्त
एसडीएम विवेकानंद मिश्र ने बताया कि करीब दो घंटे की कार्रवाई में सरकारी जमीन पर बने मदरसे का लगभग 60 फीसदी हिस्सा गिराया गया है। 14 हजार वर्गफीट के परिसर में कुल सात दुकानें, 12 कमरे, मस्जिद और मदरसा बना था। कार्रवाई के दौरान 9 हजार वर्गफीट में बनी एक दुकान, सात कमरे, आधी मस्जिद और मदरसे का आधा हॉल ध्वस्त किया गया। वहीं निजी जमीन पर बने पांच कमरे, मदरसे का आधा हिस्सा और आधी मस्जिद को कार्रवाई से अलग रखा गया।











