सिद्धार्थनगर में संपत्ति विवाद में भाई का मर्डर: कोर्ट ने 4 दोषियों को दी उम्रकैद की सजा, 3 साल बाद आया फैसला

सिद्धार्थनगर|12 अगस्त 2026
कोर्ट ने 4 दोषियों को दी उम्रकैद की सजा, 3 साल बाद आया फैसला

जिले में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय की अदालत ने फूलचंद यादव, अमरजीत, सर्वजीत और सूरज उर्फ गोलू को हत्या का दोषी माना। सभी पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। चारों दोषी खेसरहा थाना क्षेत्र के दनियावर गांव के रहने वाले हैं। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।

मामला छह मई 2023 की शाम करीब छह बजे का है। दनियावर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर दो भाइयों के परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। आरोप के मुताबिक, फूलचंद यादव, अमरजीत, सर्वजीत और सूरज उर्फ गोलू ने ब्रह्मानंद यादव पर लाठी-डंडों और लोहे की सरिया से हमला कर दिया। ब्रह्मानंद को बचाने पहुंचीं उनकी पत्नी प्रभावती और बेटी मीरा के साथ भी मारपीट की गई। हमले में ब्रह्मानंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान ब्रह्मानंद यादव की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी।

भाई ने थाने में दी थी तहरीर

घटना के समय ब्रह्मानंद यादव के भाई दुर्गा प्रसाद यादव गांव में मौजूद नहीं थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने खेसरहा थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया गया कि संपत्ति बंटवारे के विवाद को लेकर आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। ब्रह्मानंद की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई गई।

गवाहों और रिपोर्ट को बनाया आधार

विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त माना और चारों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया।

चारों दोषियों पर लगा 22-22 हजार का अर्थदंड

अदालत ने फूलचंद यादव, अमरजीत, सर्वजीत और सूरज उर्फ गोलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चारों पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। दोषियों को सजा दिलाने में जिला मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक राजेश त्रिपाठी और न्यायालय पैरोकार मुख्य आरक्षी राजेश्वर चंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अदालत के फैसले के साथ ही करीब तीन साल पुराने इस हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो गई।

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