देवरिया में दो दशक बाद रेलवे स्टेशन पर मिला लापता व्य​​क्ति: बेहोशाी की हालत में देख यात्रियों ने पुलिस को दी सूचना, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज

देवरिया|
बेहोशाी की हालत में देख यात्रियों ने पुलिस को दी सूचना, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज

देवरिया जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 23 साल से लापता एक व्यक्ति भटनी रेलवे स्टेशन पर बेहोशी की हालत में मिला है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सक्रियता दिखाते हुए न सिर्फ उसे अस्पताल पहुंचाया ब​ल्कि उसके परिजनों से भी उसका भेट करवाया है।

देवरिया के लार थाना क्षेत्र के मठ अमावना गांव निवासी बसावन मिश्र करीब दो दशक पहले घर से चले गए थे। इसके बाद परिवार को लंबे समय तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। उसके बाद वह भटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बेहोशी की हालत में मिले। यात्रियों की सूचना पर RPF जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचा परिवार

स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बसावन मिश्र को देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। RPF जवान उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। इसी दौरान RPF ने उनके पास मिले दस्तावेज और मोबाइल नंबर के जरिए उनकी पहचान और परिवार का पता लगाने की कोशिश शुरू की। RPF की कोशिशों के बाद बिहार के सीवान जिले में उनके ससुराल पक्ष से संपर्क हुआ। सूचना मिलने पर पत्नी पारसपति देवी, बेटी पूनम और परिवार के अन्य सदस्य देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे। 23 साल बाद पति को सामने देखकर पारसपति देवी भावुक हो गईं। RPF जवान ने बसावन के पास मिले 1500 रुपए भी उनकी बेटी को सौंप दिए।

स्टेशन पर यात्रियों ने बेहोशी की हालत में देखा

शनिवार को भटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्रियों ने एक व्यक्ति को बेहोशी की हालत में देखा। सूचना मिलने पर RPF के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यक्ति को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। RPF जवान धर्मेंद्र जायसवाल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां उनका उपचार जारी है।

पहचान के लिए की सामान की जांच

बसावन मिश्र की पहचान कराने के लिए RPF जवान धर्मेंद्र जायसवाल ने उनके पास मौजूद सामान की जांच की। उनके पास मिले आधार कार्ड पर उत्तराखंड का पता दर्ज था। वहीं पर्स से हावड़ा, पश्चिम बंगाल का एक मोबाइल नंबर मिला। जवान ने इस नंबर पर संपर्क कर जानकारी जुटाई। मोबाइल नंबर से मिली जानकारी के आधार पर जवानों ने बिहार के सीवान में उनके ससुराल पक्ष से संपर्क किया। इसके बाद बसावन की पहचान उनके परिवार तक पहुंच सकी।

पति के जाने के बाद मायके में रहने लगी पत्नी

बसावन के घर से चले जाने के बाद उनकी पत्नी पारसपति देवी अपनी बेटियों पूनम, पुष्पा और बेटे कौशल किशोर के साथ बिहार के सीवान जिले के गुठनी थाना क्षेत्र के बेलौरी गांव स्थित मायके में रहने लगी थीं। परिवार को लंबे समय तक बसावन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। RPF जवान से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे। 23 साल बाद पति और पिता को सामने देखकर परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं।

पास से मिल पैसे, बेटी को सौंप दिए जवान

बसावन मिश्र के पास मिले सामान में 1500 रुपए भी थे। RPF जवान ने यह रकम उनकी बेटी को सौंप दी। परिवार के लोग अब अस्पताल में बसावन के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। RPF की मदद से 23 साल बाद परिवार का बिछड़ा सदस्य उनके बीच पहुंच सका।

नव्य जागरण

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