देवरिया के बरहज सीएचसी में डीएम का औचक निरीक्षण: 10 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से मिले गायब, एक दिन का वेतन रोकने का दिया निर्देश

बरहज में मंगलवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के औचक निरीक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान 10 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। इनमें नौ संविदा और एक नियमित कर्मचारी शामिल है। डीएम ने सभी गैरहाजिर कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
डीएम ने सीएचसी पहुंचकर सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर, एमसीपी कार्ड और मरीज पंजीकरण रजिस्टर की पड़ताल की। इसके बाद उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, प्रसव कक्ष और दवा स्टॉक का निरीक्षण किया। दवाओं की उपलब्धता की जानकारी लेने के साथ अस्पताल की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। प्रसव केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ नर्स को प्रसव सेवाओं का संचालन व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पारदर्शिता और बेहतर इलाज पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भेदभाव सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कस्तूरबा स्कूल में खुद पढ़ाया
डीएम ने सुबह करीब 8:30 बजे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बरहज का भी औचक निरीक्षण किया। यहां सभी शिक्षक उपस्थित मिले और करीब 92 छात्राएं आवासित मिलीं। उन्होंने छात्रावास, कक्षाओं और पठन-पाठन की व्यवस्था देखी। हॉस्टल पोर्टल और कक्षाओं में छात्राओं की उपस्थिति भी जांची। कक्षा छह, सात और आठ में पहुंचकर उन्होंने छात्राओं से गणित और अंग्रेजी के प्रश्न हल करवाए। इसके बाद डीएम ने खुद भी छात्राओं को पढ़ाया और उनके शैक्षिक स्तर का आकलन किया।
चावल चखकर परखी भोजन की गुणवत्ता
विद्यालय की रसोई में पहुंचकर डीएम ने छात्राओं के लिए तैयार भोजन की गुणवत्ता जांची। उन्होंने स्वयं चावल चखकर भोजन की गुणवत्ता परखी और वार्डन व शिक्षिकाओं को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को बेहतर शैक्षिक माहौल मिलना चाहिए और उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नामांकन के अनुपात में छात्राओं की नियमित उपस्थिति दर्ज करने के साथ अभिभावकों और छात्राओं को भी नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।











