देवरिया में पति-सास को उम्रकैद की सजा: शादी के सात दिन बाद मांगी कार, गर्भ में था 17 सप्ताह का बच्चा

दहेज की मांग को लेकर महिला की मौत के मामले में अदालत ने पति और सास को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव की अनीता की मौत 17 अक्टूबर 2021 को हुई थी। इस मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने पति रितेश और सास देवंती देवी को दहेज मृत्यु के अपराध का दोषी माना। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के साथ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी फैसले का आधार बनाया।
रितेश की शादी अनीता से 13 फरवरी 2019 को हुई थी। शिकायत के अनुसार, शादी में अनीता के मायके वालों ने एक लाख रुपये नकद, बाइक के लिए 50 हजार रुपये और सोने की माला दी थी। आरोप है कि शादी के करीब एक सप्ताह बाद ही ससुराल पक्ष ने चार पहिया वाहन की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर अनीता को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया।
मौत के बाद छह लोगों पर दर्ज हुई थी FIR
17 अक्टूबर 2021 को अनीता की मौत की जानकारी मिलने पर मायके वाले ससुराल पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। तरकुलवा पुलिस ने 22 अक्टूबर को रितेश, सुनील, पवन कुमार, देवंती, रिंकी और मंजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच के बाद पुलिस ने पति रितेश और सास देवंती देवी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों का परीक्षण किया।
पोस्टमॉर्टम में मिले चोट के निशान
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अनीता के शरीर पर मौत से पहले चोट के निशान मिलने का जिक्र किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मौत के समय अनीता 17 सप्ताह की गर्भवती थी और उसके गर्भ में बच्चा था। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर रितेश और देवंती देवी को दहेज मृत्यु के मामले में दोषी माना। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।











