देवरिया में हत्या से पहले दी थी जान के खतरे की सूचना: लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी हुए निलंबित, 48 घंटे में गिरफ्तारी का दिया भरोसा

भलुअनी में मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि मनीष ने हत्या से करीब 10 दिन पहले ही पुलिस को जान के खतरे की जानकारी दी थी। वह एक सितंबर को अपने पिता के साथ भलुअनी थाने पहुंचा था और कुछ लोगों से खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। परिजनों के मुताबिक, शिकायत में चाइना अंसारी और उसके साथियों से खतरे का उल्लेख किया गया था। शिकायत की जांच बीट पुलिस अधिकारी विनय कुमार ओझा को दी गई, लेकिन आरोप है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। करीब 10 दिन बाद मनीष की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मामले में प्रथमदृष्टया पुलिस लापरवाही सामने आने पर एसपी अभिजीत आर शंकर ने भलुअनी थानाध्यक्ष, चौकी इंचार्ज और संबंधित बीट सिपाही को निलंबित कर दिया।
परिजनों के अनुसार मनीष सिंह उर्फ मोनू को कुछ लोगों से अपनी जान का खतरा था। इसी वजह से वह पिता के साथ थाने पहुंचा और लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। परिवार का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच बीट पुलिस अधिकारी विनय कुमार ओझा को सौंपी गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसके कुछ ही दिनों बाद मनीष की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा
मृतक के भाई उपेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में वार्ड नंबर 12 जयप्रकाश नगर सिधारिया निवासी चाइना अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा, वार्ड नंबर सात तिलक नगर भलुअनी निवासी जयकिशन यादव और भलुअनी निवासी नागेश यादव शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस हत्या की वजह और वारदात में आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एसपी ने थाने में कैंप कर ली जानकारी
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद एसपी अभिजीत आर. शंकर ने भलुअनी थाने में करीब एक घंटे तक कैंप किया। उन्होंने घटना के साथ ही हत्या से पहले दी गई शिकायत की भी जानकारी ली। प्रथमदृष्टया लापरवाही मिलने पर थानाध्यक्ष, चौकी इंचार्ज और संबंधित बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में पुलिस के किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
तीन घंटे जाम रहा बरहज-देवरिया मार्ग
पोस्टमॉर्टम के बाद मनीष का शव गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने शव को बरहज-देवरिया मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम प्रवीण कुमार और सीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर कार्रवाई का भरोसा दिया। बाद में एसपी भी मौके पर पहुंचे और आरोपियों की 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे तक चले समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।











