देवरिया में पानी भरे गड्ढे में डूबे दो मासूम: भगाने के बाद दोबारा खेलने पहुंचे थे बच्चे, मिट्टी भरने के लिए खोदा गया था गड्ढा

खुखुंदू थाना क्षेत्र के बालेपुर मठिया गांव में पानी से भरे गड्ढे में नहाने के दौरान दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन दोनों के शवों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले गए। इसी दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाते हुए पंचनामा की कार्रवाई की। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
मृतकों की पहचान बालेपुर मठिया निवासी तौहीद पुत्र मुन्ना नट और मठिया पठान निवासी शहाबुद्दीन पुत्र लतीफ के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों गांवों के कई बच्चे गांव के पास पानी से भरे गड्ढे में नहाने पहुंचे थे। एक महिला ने बच्चों को वहां नहाते देखा तो उन्हें डांटकर वहां से भगा दिया। महिला के घर के अंदर जाने के बाद बच्चे दोबारा गड्ढे में पहुंच गए। इसी दौरान तौहीद और शहाबुद्दीन गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दूसरे बच्चों ने शोर मचाकर परिवार वालों को सूचना दी।
डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित किया
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन जांच के बाद चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। परिजन शवों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले गए। जहां पुलिस और राजस्व विभाग की टीम भी पहुंच गई। पुलिस ने शवों का पंचनामा कराया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
एक साल पहले खोदा गया था गड्ढा
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस गड्ढे में हादसा हुआ, उसे करीब एक साल पहले जलालुद्दीन ने अपने निर्माणाधीन मकान में मिट्टी भरने के लिए अपनी जमीन में खुदवाया था। बारिश के बाद इसमें पानी भर गया और यह तालाब की तरह हो गया। बताया गया कि पिछले कई दिनों से आसपास के बच्चे यहां नहाने पहुंच रहे थे। कई बच्चे गड्ढे में नहाने के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान यह हादसा हुआ।
खुले गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग
सलेमपुर के एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। पीड़ित परिवारों को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन की ओर से घटना की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने गांव और आसपास मौजूद खुले एवं पानी से भरे गड्ढों को चिह्नित कर सुरक्षित कराने की मांग की है। इससे भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।










