आपदा मित्रों की सतर्कता से टला संभावित हादसा: नदी में नहाने जा रहे दो बच्चों को रोका, बच्चों और स्थानीय लोगों को किया जागरूक

जिले में नदी, तालाब और पोखरों में डूबने की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के बीच आपदा मित्रों की सक्रियता से एक बड़ा संभावित हादसा टल गया। मोहरीपुर विस्तार नगर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान आपदा मित्रों ने दो बच्चों को नदी किनारे संदिग्ध स्थिति में देखा। जानकारी करने पर पता चला कि दोनों बच्चे नदी में नहाने जाने की तैयारी कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बच्चों को नदी की ओर जाने से रोका। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उचित जानकारी दी।
आपदा मित्रों ने बच्चों को बताया कि नदी में नहाना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। पानी की गहराई का सही अनुमान नहीं लग पाता। अचानक पैर फिसलने या तेज बहाव की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया। साथ ही आसपास मौजूद लोगों से भी अपील की गई कि वे बच्चों को नदी किनारे अकेला न छोड़ें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए अभियान जारी
डूबने की घटनाओं के न्यूनीकरण के उद्देश्य से आपदा मित्र लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। नदी किनारे बसे गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा रही है। टीम लोगों को नदी, तालाब और पोखरों में अनावश्यक रूप से नहाने से बचने तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए जागरूक कर रही है।
आपदा मित्रों ने की अपील
आपदा मित्रों ने अभिभावकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि गर्मी और अवकाश के दौरान बच्चे खेलते-खेलते जलाशयों के आसपास पहुंच जाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। आपदा मित्रों का कहना है कि समय पर बरती गई सावधानी किसी की जान बचा सकती है। इसी उद्देश्य से जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता रहेगा।
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