गोरखपुर के निजी अस्पताल ने छीन ली मासूम की जिंदगी: बेहतर इलाज के नाम पर वसूली मोटी रकम, एंबुलेंस चालक के झांसे में आए परिजन

गोरखपुर|
बेहतर इलाज के नाम पर वसूली मोटी रकम, एंबुलेंस चालक के झांसे में आए परिजन

बिहार के सिवान जिले से एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एंबुलेंस चालक और निजी अस्पताल के कथित गठजोड़ ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। आरोप है कि सिवान से पटना के लिए रेफर किए गए एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे को एंबुलेंस चालक परिजनों को झांसा देकर गोरखपुर ले आया। यहां एक निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर परिजनों से 1.25 लाख रुपये की मोटी रकम भी वसूल ली गई, लेकिन तमाम दावों के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका। बच्चे की मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

परिजनों के अनुसार, मासूम की तबीयत बिगड़ने पर सिवान के डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल पटना रेफर किया था। उन्होंने मरीज को ले जाने के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था की। आरोप है कि रास्ते में एंबुलेंस चालक ने अपनी मनमानी शुरू कर दी। उसने परिजनों को बरगलाया कि पटना जाने में समय ज्यादा लगेगा और वहां जाम की स्थिति रहती है, जिससे बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। चालक ने दावा किया कि गोरखपुर में एक ऐसा निजी अस्पताल है जो पटना से भी बेहतर इलाज और कम खर्च में बच्चे को पूरी तरह ठीक कर देगा। चालक के इस झांसे में आकर लाचार परिजन गोरखपुर आने को तैयार हो गए।

इलाज के नाम पर ₹1.25 लाख की भारी वसूली

गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति का फायदा उठाते हुए तुरंत भारी-भरकम रकम की मांग शुरू कर दी। परिजनों ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए इधर-उधर से कर्ज मांगकर और व्यवस्था करके कुल 1.25 लाख रुपये अस्पताल में जमा करा दिए। आरोप है कि मोटी रकम वसूलने के बावजूद बच्चे को वह इलाज नहीं मिला जिसकी उसे जरूरत थी।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

निजी अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आखिरकार मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस चालक पर मिलीभगत कर धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से एंबुलेंस चालक व दोषी निजी अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।

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