देवरिया में डिजिटल करेंसी में ठगी का खेल: चार गिरफ्तार, टेलीग्राम ग्रुप से भेजते थे क्यूआर कोड

जिले में साइबर ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी में बदलकर आगे भेजने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस और एसओजी ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीओ वरुण सिंह ने मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी विंग एक्स प्रो ऐप के जरिए ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी में बदलते थे। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में उपलब्ध वॉलेट या क्यूआर कोड पर रकम भेज दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार तीन सितंबर की रात टीम ने मेडिकल कॉलेज के पीछे क्षत्रिय छात्रावास और फूलमंडी के पास कार्रवाई की। यहां से नमन गुप्ता, प्रियांशु चौहान , विवेक गौड़ और निखिल गिरि को अरेस्ट किया गया। चारों देवरिया जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
पांच मोबाइल और फर्जी आधार कार्ड बरामद
आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, दो फर्जी आधार कार्ड और बिना नंबर प्लेट की एक बुलेट मोटरसाइकिल मिली। नमन के पास दो मोबाइल, एटीएम कार्ड और फर्जी आधार कार्ड, जबकि प्रियांशु के पास एक मोबाइल और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। विवेक और निखिल से एक-एक मोबाइल मिला।
म्यूल खातों से निकालते थे रकम
पुलिस के मुताबिक आरोपी पैसों के लालच में म्यूल अकाउंट की किट हासिल करते थे। इसमें एटीएम कार्ड, सिम और पासबुक होती थी। खातों की जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में भेजी जाती थी। साइबर ठगी की रकम खाते में आने के बाद एटीएम, यूपीआई और पीओएस मशीन के जरिए उसे निकाला जाता था। बाद में रकम को ‘विंग एक्स प्रो’ ऐप से डिजिटल करेंसी में बदलकर टेलीग्राम ग्रुप में दिए गए वॉलेट या क्यूआर कोड पर भेज दिया जाता था।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
सीओ वरुण सिंह ने बताया कि प्रिंस राजभर, शुभम मणि, भानू, अनिकेत और दिव्याश समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।











